ABOUT US

इल्मे नुजूम की कुछ खास बातें  

किस के साथ क्या होने वाला है इस बात को तो सिर्फ कुल कायनात का मालिक अल्लाह तआला ही जानता है ? अल्लाह तआला की इंसान के ऊपर बड़ी रहमत है की उसने जमीन के चारों तरफ ऐसे निशान और अलामतें बनाए है कि जिसके जरिये अहले अक्ल अपनी जिंदगी के लिये रास्ता पा लेते है । जिस तरह शहद कि मक्खियां अल्लाह तआला के बनायें हुए इशारों और कानूनों  की मारफत से पेड़ पौधों में शहद कहां है ? इसकी खोज कर लेती है ।  उसी तरह जिन लोगों को अल्लाह तआला ने अपनी रहमत से इल्म दिया है ,वह अपने चारों तरफ से निशानों और इशारों को देख कर इंसानो के फ़ैज़ के लिये बहुत से फ़ैज़ देने वाले इशारे दिया करते है …

एक बहुत ही अहम जानकारी

अब आपको जो जानकारी दी जा रही है वह भी बहुत अहम है । आप जब भी कोई रूहानी काम करे जिस दिन भी उस काम को करें  

उस दिन के मवक्किल से अपने काम की तकलीम के लिए दुआ के लिए कहें कि वह आपके लिये अल्लाह तआला से दुआ करे और वह करेगा क्योकि अल्लाह तआला ने उसे इसी काम के लिये मुकर्रर किया है । जब आप ऐसा करेंगे तब यकीन है कि अल्लाह के करम से आपको कामयाबी जरूर ही मिलेगी ।

 याद रहे कि हर दिन का एक खास मवक्किल होता है । यह अल्लाह का फिरिश्ता होता है ।   इसी तरह एक खास  मवक्किल इस जमीन पर हर दिन की एक खास दफ्तर में देखभाल करता है । एक मवक्किल वह है जो जमीनी मवक्किल से खबरें लेकर आसमान पर जाता है । आसमान पर जाने के बाद वह अपनी खबरें जिस हाकिम के दफ्तर में पेश करता है वह एक और खास मवक्किल होता है ।

  इस तरह हर दिन के लिए अलग – अलग फिरिश्ते मुकर्रर है । जमीनी मवक्किल के साथ अल्लाह तआला ने कौमे  जिन्नात  में से एक आबिद और अल्लाह के वली जिन्न को भी इस काम में लगा रखा है । जमीनी मवक्किल और उसका मुआविन वलिये कामिल आदमी और जिन्न होते है । ये सब अल्लाह की बुलन्द अहोदे वाली मखलूक है । इस तरह अल्लाह तआला ने पूरे आलम का निजाम कायम कर रखा है । इसके बावजूद भी अल्लाह तआला इनमें से किसी का भी मुहताज नहीं है बल्कि तमाम की मखलूक अल्लाह की ही मुहताज है । ये तो अल्लाह का करम है कि उसने अपनी मखलूक में से अपने कुछ बन्दों को अपने निजाम के लिये मुकर्रर फरमाकर इनका एजाज बढ़ा कर इन सब पर अपना अहसान किया है …